दुनिया के इतिहास में कई बड़ी डकैतियों ने लोगों को चौंकाया है, लेकिन 4 अक्टूबर 1997 को अमेरिका के नॉर्थ कैरोलाइना राज्य के शार्लोट (Charlotte) शहर में हुई Loomis Fargo डकैती आज भी सबसे रहस्यमयी और रोमांचक घटनाओं में से एक मानी जाती है। इस घटना का केंद्र था एक साधारण सा इंसान – डेविड घैंट (David Ghantt), जिसने अपने साथियों की मदद से ऐसा कारनामा कर दिखाया कि FBI तक को हिला दिया।
इस ब्लॉग में हम आपको बताएंगे कि डेविड घैंट ने किस तरह 17.3 मिलियन डॉलर यानी करोड़ों रुपये की डकैती को अंजाम दिया, कैसे वह पकड़ा गया और आखिर इस पूरी कहानी से हम क्या सीख सकते हैं।
डेविड घैंट कौन था?
डेविड घैंट एक साधारण इंसान था, जो Loomis Fargo & Company के रीजनल ऑफिस और वॉल्ट, शार्लोट (Charlotte), नॉर्थ कैरोलाइना, अमेरिका में वॉल्ट सुपरवाइजर की नौकरी करता था। उसकी ज़िंदगी बेहद सामान्य थी – न ज्यादा पैसे, न खास विलासिता। लेकिन उसे रोमांच और पैसा चाहिए था। यही चाहत धीरे-धीरे उसे एक खतरनाक रास्ते पर ले गई।
डकैती की शुरुआत – दोस्ती और लालच
घैंट की मुलाकात केली कैंपबेल (Kelly Campbell) नाम की महिला से हुई, जो पहले Loomis Fargo में काम करती थी। केली की दोस्ती घैंट से गहरी हो गई और इसी दौरान उसने उसे Steve Chambers नाम के व्यक्ति से मिलवाया।
स्टीव चेम्बर्स और उसकी पत्नी मिशेल पहले से ही बड़ी रकम हथियाने का सपना देख रहे थे। केली और स्टीव ने घैंट को मनाया कि अगर वह वॉल्ट से पैसा निकालने में मदद करे, तो उसे भी करोड़ों डॉलर मिल सकते हैं।
4 अक्टूबर 1997 की रात – शार्लोट की डकैती
उस रात डेविड घैंट ने सबको हैरान कर देने वाला कदम उठाया।
- काम खत्म होने के बाद घैंट Loomis Fargo वॉल्ट में रुका।
- उसने बैग और बक्सों में 17.3 मिलियन डॉलर नकद भर दिए।
- वॉल्ट में सिर्फ कुछ हजार डॉलर छोड़ दिए ताकि लगे कि सब ठीक है।
- पैसे को वैन में लादकर अपने साथियों के हवाले कर दिया।
इतना बड़ा कैश चोरी करना आसान नहीं था, लेकिन घैंट के अंदर का लालच उसके डर से बड़ा साबित हुआ।

चोरी के बाद की सबसे बड़ी गलती
डकैती के बाद प्लान यह था कि घैंट मेक्सिको भाग जाएगा और बाकी साथी अमेरिका में पैसे संभालेंगे। घैंट वाकई मेक्सिको भाग गया, लेकिन उसके साथी, खासकर स्टीव चेम्बर्स और उसकी पत्नी, पैसा मिलते ही हद से ज्यादा खर्च करने लगे।
- महंगे बंगले खरीदे
- लग्ज़री कारों में घूमने लगे
- जगह-जगह कैश खर्च किया
इतनी जल्दी लाइफस्टाइल बदलना FBI को शक में डालने के लिए काफी था।
FBI की जांच
शार्लोट में हुई इस डकैती ने FBI को तुरंत सक्रिय कर दिया। एजेंट्स ने जल्दी समझ लिया कि यह अंदर का काम है।
- सबसे पहले शक डेविड घैंट पर गया क्योंकि वह डकैती के बाद से गायब था।
- जांच में घैंट और केली के बीच कॉल रिकॉर्ड मिले।
- स्टीव और उसकी पत्नी के अचानक अमीर बनने की खबरें भी सामने आईं।
धीरे-धीरे FBI के पास पूरे गिरोह की तस्वीर साफ हो गई।
डेविड घैंट की गिरफ्तारी
मेक्सिको में छिपा हुआ डेविड घैंट ज्यादा दिन नहीं बच पाया। उसके कॉल्स और पैसों की ट्रेल ने FBI को वहां तक पहुंचा दिया।
1998 की शुरुआत में FBI ने उसे मेक्सिको से गिरफ्तार कर लिया। उसके बाद अमेरिका में बाकी सारे साथी भी पकड़े गए।
सज़ा और नतीजा
- डेविड घैंट को 11 साल की जेल हुई।
- स्टीव चेम्बर्स और बाकी साथियों को भी लंबी सज़ा मिली।
- लगभग सारा पैसा FBI ने वापस बरामद कर लिया।
इस घटना से सीख
- लालच इंसान को बर्बाद कर देता है – डेविड के पास नौकरी थी, लेकिन लालच ने सब खत्म कर दिया।
- पैसे का दिखावा खतरनाक होता है – स्टीव और उसकी पत्नी अगर संभलकर रहते, तो शायद पकड़े न जाते।
- सच्चाई छुपती नहीं है – FBI ने आखिरकार सबको पकड़ ही लिया।
पॉप कल्चर में Loomis Fargo डकैती
इस अजीबोगरीब डकैती की कहानी इतनी मशहूर हुई कि हॉलीवुड ने इस पर फिल्म भी बनाई।
2016 में “Masterminds” नाम की कॉमेडी फिल्म रिलीज हुई, जिसमें ज़ैक गैलीफिनाकिस ने डेविड घैंट का किरदार निभाया। यह फिल्म दिखाती है कि कैसे लालच और मूर्खता मिलकर एक “सुपर-फनी क्राइम स्टोरी” बना देते हैं।
निष्कर्ष
डेविड घैंट की यह कहानी हमें सिखाती है कि अपराध कभी सफल नहीं होता। चाहे शुरुआत में कितनी भी सफलता क्यों न मिले, सच्चाई सामने आकर ही रहती है।
शार्लोट, नॉर्थ कैरोलाइना की यह Loomis Fargo डकैती सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि इंसानी लालच, रिश्तों और मूर्खता का मिश्रण थी – जो आज भी लोगों को रोमांचित करती है।